“श्रीलंका की सीता मंदिर यात्रा योजना” मध्य प्रदेश सरकार के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा शुरू की गई एक योजना है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के श्रद्धालुओं को श्रीलंका के सीता मंदिर और अशोक वाटिका, साथ ही कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की यात्रा पर वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
योजना के लाभ
इस योजना के अंतर्गत, मध्य प्रदेश के मूल निवासी जो सीता मंदिर और अशोक वाटिका (श्रीलंका) तथा अंकोरवाट मंदिर (कंबोडिया) की यात्रा पूरी कर चुके हैं, उन्हें यात्रा व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है।
यात्रा के वास्तविक व्यय का 50% (अधिकतम ₹30,000/- तक) राज्य सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा, बशर्ते कि प्रमाणपत्र व खर्च संबंधित दस्तावेज़ जमा किए जाएँ।
पात्रता
आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
आवेदक ने श्रीलंका के सीता मंदिर और अशोक वाटिका तथा कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की यात्रा पूरी की हो।
आवेदक इनकम टैक्स दाता नहीं होना चाहिए।
यह सहायता एक व्यक्ति को जीवन में केवल एक बार प्रदान की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया
ऑफलाइन आवेदन:
पात्र श्रद्धालु निर्धारित आवेदन पत्र के साथ अपनी यात्रा के प्रमाणित दस्तावेज़ संलग्न कर अपने जिले के कलेक्टर कार्यालय में यात्रा पूर्ण होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर जमा करें।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद सहायता राशि वितरित की जाएगी।
आवश्यक दस्तावेज़
पासपोर्ट साइज फोटो
पहचान पत्र (जैसे – आधार कार्ड)
मध्य प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
पासपोर्ट की छायाप्रति
यात्रा पर हुए व्यय के विवरण / बिल
श्रीलंका के सीता मंदिर, अशोक वाटिका और कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की यात्रा पूर्ण होने का प्रमाणपत्र