मध्य प्रदेश सरकार ने 14 अप्रैल 2025 को आंबेडकर जयंती के मौके पर डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत 36-42 लाख तक का लोन और 25-33% सब्सिडी दी जाएगी.
योजना के तहत लाभ लेने के लिए हितग्राही को केवल एक ही नस्ल के 25 पशु पालने होंगे. इसमें तीन विकल्प हैं. देसी गाय, शंकर नस्ल की गाय या भैंस. गाय और भैंस को मिलाकर नहीं रखा जा सकता. अगर मिश्रित नस्ल पाली जाती है तो सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा.
एक यूनिट के लिए लाभार्थी के पास कम से कम 3.5 एकड़ भूमि होनी चाहिए. यहां पशुओं के लिए शेड निर्माण करना अनिवार्य होगा.
मुख्य प्रावधान – डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना
विवरण
प्रावधान
ऋणराशि
₹36–42 लाख तक (बैंक लोन)
सब्सिडी
25% (सामान्य वर्ग), 33% (SC/ST वर्ग)
पशुसंख्या
25 (केवल एक नस्ल – देसी गाय/शंकर नस्ल/भैंस)
भूमि आवश्यकता
न्यूनतम 3.5 एकड़ (शेड निर्माण अनिवार्य)
योजना का उद्देश्य:
बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करना।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर प्रदेश की डेयरी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।
पशुपालन को प्रोत्साहित करके ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण।
सब्सिडी वर्ग अनुसार:
सामान्य वर्ग और ओबीसी वर्ग के लिए 25% अनुदान मिलेगा.
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 33 % सब्सिडी मिलेगी.
जमीन किराए पर या रिश्तेदार की होने पर भी योजना का लाभ:
अलग-अलग भूखंडों पर भी आवेदन की सुविधा:
यदि आपके पास 3.5 एकड़ जमीन एक ही तहसील में अलग-अलग स्थानों पर है, तो भी आप योजना के लिए पात्र होंगे।
रिश्तेदार की जमीन पर भी आवेदन:
यदि परिवार के किसी नजदीकी रिश्तेदार (जैसे पिता, भाई, पति/पत्नी) के नाम पर जमीन है, तो उनकी लिखित सहमति के आधार पर आवेदन किया जा सकता है।
किराए की जमीन पर पशुपालन:
यदि आप किराए की जमीन पर शेड बनाना चाहते हैं, तो कम से कम 5 साल का रेंट एग्रीमेंट होना अनिवार्य है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना 2025: आवेदन प्रक्रिया