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Vadagaon Maval, Pune - 412106
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भारत सरकार ने युवाओं को रोजगार योग्य कौशल देने और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) शुरू की। इसका उन्नत संस्करण NAPS 2.0 वित्त वर्ष 2022–23 से लागू है। यह योजना Ministry of Skill Development and Entrepreneurship के अंतर्गत संचालित होती है और Apprentices Act 1961 के प्रावधानों के तहत प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने वाले प्रतिष्ठानों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है। NAPS-2, “Skill India” के व्यापक ढांचे के भीतर एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।
NAPS-2 का मुख्य उद्देश्य देश में प्रशिक्षुता (Apprenticeship) को बढ़ावा देना है ताकि युवाओं को कार्यस्थल पर वास्तविक अनुभव (On-the-Job Training) मिल सके। इसके माध्यम से उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार किया जाता है। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि प्रतिष्ठानों को प्रशिक्षु रखने के लिए आंशिक स्टाइपेंड सहायता दी जाती है, जिससे वे अधिक से अधिक युवाओं को अवसर प्रदान कर सकें। इसके अलावा, यह योजना कौशल विकास कार्यक्रमों से प्रशिक्षित उम्मीदवारों को आगे बढ़ने का अवसर देती है और विशेष रूप से MSME, आकांक्षी जिलों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में प्रशिक्षुता को बढ़ावा देती है।
सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2022–23 से 2025–26 के बीच लगभग 46 लाख प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देना है। योजना के माध्यम से प्रशिक्षुता की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवा और उद्योग इसमें भाग ले सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें National Career Service Portal पर पंजीकरण का अवसर दिया जाता है।
| योग्यता | मासिक स्टाइपेंड |
|---|---|
| 5वीं–9वीं पास | ₹5,000 |
| 10वीं पास | ₹6,000 |
| 12वीं पास | ₹7,000 |
| ITI / व्यावसायिक | ₹7,000 |
| डिप्लोमा | ₹8,000 |
| ग्रेजुएट | ₹9,000 |
NAPS-2 के तहत बुनियादी प्रशिक्षण लागत की कोई प्रतिपूर्ति नहीं दी जाती। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बैंकों को इस योजना के तहत स्टाइपेंड सहायता नहीं मिलती। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पारंपरिक कौशल जैसे कारीगरी और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए विशेष मॉडल विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही, इसे PM Gati Shakti जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है।
NAPS-2 भारत में कौशल विकास और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह न केवल युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव देता है, बल्कि उद्योगों को भी प्रशिक्षित और योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराता है। 2026 के नए स्टाइपेंड लाभ और सरकारी सहायता के साथ यह योजना युवाओं के लिए एक मजबूत करियर की शुरुआत का अवसर प्रदान करती है।