National Apprenticeship Promotion Scheme(NAPS) 2.0: पंजीकरण प्रक्रिया और 2026 के नए मासिक स्टाइपेंड लाभ

भारत सरकार ने युवाओं को रोजगार योग्य कौशल देने और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) शुरू की। इसका उन्नत संस्करण NAPS 2.0 वित्त वर्ष 2022–23 से लागू है। यह योजना Ministry of Skill Development and Entrepreneurship के अंतर्गत संचालित होती है और Apprentices Act 1961 के प्रावधानों के तहत प्रशिक्षुओं को नियुक्त करने वाले प्रतिष्ठानों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है। NAPS-2, “Skill India” के व्यापक ढांचे के भीतर एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।

योजना का उद्देश्य

NAPS-2 का मुख्य उद्देश्य देश में प्रशिक्षुता (Apprenticeship) को बढ़ावा देना है ताकि युवाओं को कार्यस्थल पर वास्तविक अनुभव (On-the-Job Training) मिल सके। इसके माध्यम से उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार किया जाता है। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि प्रतिष्ठानों को प्रशिक्षु रखने के लिए आंशिक स्टाइपेंड सहायता दी जाती है, जिससे वे अधिक से अधिक युवाओं को अवसर प्रदान कर सकें। इसके अलावा, यह योजना कौशल विकास कार्यक्रमों से प्रशिक्षित उम्मीदवारों को आगे बढ़ने का अवसर देती है और विशेष रूप से MSME, आकांक्षी जिलों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में प्रशिक्षुता को बढ़ावा देती है।

लक्ष्य और अपेक्षित परिणाम

सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2022–23 से 2025–26 के बीच लगभग 46 लाख प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देना है। योजना के माध्यम से प्रशिक्षुता की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवा और उद्योग इसमें भाग ले सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्हें National Career Service Portal पर पंजीकरण का अवसर दिया जाता है।

प्रशिक्षण के प्रकार (Types of Training)

1. निर्दिष्ट व्यापार (Designated Trade – DT)

  • केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ट्रेड/कोर्स
  • ITI पास उम्मीदवारों के लिए प्रशिक्षण अवधि: लगभग 1 वर्ष
  • फ्रेशर / Non-ITI उम्मीदवारों के लिए: लगभग 2 वर्ष
  • सिलेबस और संरचना सरकार तय करती है

2. वैकल्पिक व्यापार (Optional Trade – OT)

  • नियोक्ता द्वारा निर्धारित ट्रेड
  • प्रशिक्षण अवधि: 6, 9 या 12 महीने
  • बेसिक ट्रेनिंग शामिल
  • OJT से पहले कम से कम 2 सप्ताह का ओरिएंटेशन

2026 के नए मासिक स्टाइपेंड लाभ

न्यूनतम स्टाइपेंड (योग्यता के अनुसार)

योग्यतामासिक स्टाइपेंड
5वीं–9वीं पास₹5,000
10वीं पास₹6,000
12वीं पास₹7,000
ITI / व्यावसायिक₹7,000
डिप्लोमा₹8,000
ग्रेजुएट₹9,000
  • अनुभव के साथ हर साल 10–15% तक वृद्धि संभव

सरकारी स्टाइपेंड सहायता

  • सरकार द्वारा स्टाइपेंड का 25% भुगतान
  • अधिकतम ₹1,500 प्रति माह
  • DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में

अतिरिक्त लाभ

  • पूर्वोत्तर (North-East) क्षेत्र के उम्मीदवारों को ₹1,500 प्रति माह अतिरिक्त प्रोत्साहन


पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

  • भारतीय नागरिक होना आवश्यक
  • न्यूनतम आयु: 14 वर्ष
  • खतरनाक उद्योगों के लिए न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 35 वर्ष (सरकारी लाभ के लिए)
  • आधार कार्ड अनिवार्य
  • e-KYC पूरा होना जरूरी
  • कौशल योजनाओं (जैसे PMKVY, DDU-GKY आदि) के उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं

आवेदन प्रक्रिया (Application Process)

  • आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: Apprenticeship India Portal
  • Register / Login पर क्लिक करें
  • Candidate के रूप में चयन करें
  • मोबाइल नंबर और ईमेल से पंजीकरण करें
  • आधार नंबर दर्ज करें और e-KYC पूरा करें
  • प्रोफाइल में शैक्षणिक जानकारी भरें
  • उपलब्ध Apprenticeship के लिए आवेदन करें
  • चयन होने पर नियोक्ता अनुबंध जारी करता है
  • इसके बाद प्रशिक्षण शुरू होता है

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  • चयनित ट्रेड के अनुसार अन्य दस्तावेज
  • आधार कार्ड
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण

NAPS-2 के तहत बुनियादी प्रशिक्षण लागत की कोई प्रतिपूर्ति नहीं दी जाती। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बैंकों को इस योजना के तहत स्टाइपेंड सहायता नहीं मिलती। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पारंपरिक कौशल जैसे कारीगरी और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए विशेष मॉडल विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही, इसे PM Gati Shakti जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है।

निष्कर्ष

NAPS-2 भारत में कौशल विकास और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह न केवल युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव देता है, बल्कि उद्योगों को भी प्रशिक्षित और योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराता है। 2026 के नए स्टाइपेंड लाभ और सरकारी सहायता के साथ यह योजना युवाओं के लिए एक मजबूत करियर की शुरुआत का अवसर प्रदान करती है।